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अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर क्यों कहा जाता है

अहमदाबाद: Manchester of India


मेनचेस्टर ऑफ़ इंडिया 


सबसे बड़े शहर और गुजरात की पूर्व राजधानी अहमदाबाद जो ज्यादातर अपने पर्यटक आकर्षणों के लिए जाना जाता है। यह अपने सूती वस्त्र, स्ट्रीट फूड प्लेस, डायमंड कटिंग और गरबा डांडिया के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही कई लोगों को आश्चर्य है कि अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर क्यों कहा जाता है ?



अहमदाबाद में वो कौन सी अनोखी चीजें हैं जो आपका मन मोह लेंगी !



अहमदाबाद भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में से एक है। मुंबई के साथ, यह भारत के पश्चिमी भाग में सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र है। यह पहले गुजरात की राजधानी थी हालांकि अभी भी गुजरात उच्च न्यायालय यही स्थित है। अहमदाबाद साबरमती नदी के किनारे स्थित है। दिलचस्प बात यह है कि अहमदाबाद, गुजरात की वर्तमान राजधानी गांधीनगर से सिर्फ 35  किमी की दूरी पर स्थित है। अहमदाबाद भारत में कपड़ा मिलों का एक प्रमुख केंद्र है। यही कारण है कि अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है। 



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मैनचेस्टर और अहमदाबाद के बीच समानताएं

यह तो सभी जानते है कि इंग्लैंड का मैनचेस्टर अपने सूती वस्त्रों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। मैनचेस्टर की जलवायु समशीतोष्ण है जो सूती धागे की कताई के अनुरूप है। इसके अलावा, मैनचेस्टर नदी का पानी, जिस नदी के किनारे मैनचेस्टर स्थित है, वह सूती धागों के सूखने के लिए अच्छामाना है। उसी तरह, साबरमती नदी का पानी सूती धागे को सुखाने के लिए प्रयोग  साथ ही यह सूती वस्त्रों के लिए आदर्श है। अहमदाबाद और उसके आसपास की जलवायु परिस्थितियाँ सूती धागे के बढ़ने और कताई के लिए अच्छा मन जाता हैं। अहमदाबाद में बड़ी संख्या में कपड़ा मिलों की उपस्थिति के कारण, शहर सूती वस्त्रों में काम करने वाली कंपनियों का पसंदीदा स्थल बन गया है। कांडला बंदरगाह जो कि अहमदाबाद के नजदीक ही है सूती वस्त्रों के आयात और निर्यात का मुख्य केंद्र है।


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कपास और श्रम की आसान उपलब्धता

अहमदाबाद सूती वस्त्रों के निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित होने का कारण यह है कि यह एक कपास उत्पादक क्षेत्र में स्थित है। इस क्षेत्र में कच्चा कपास आसानी से उपलब्ध हो जाता है  कपड़ा व्यापार के आगे बढ़ने का एक अन्य कारण कुशल और अकुशल सस्ते श्रम की आसान उपलब्धता है जो आस-पास के क्षेत्रों से आते है। अंत में, कपड़ा मिलों की स्थापना के लिए आवश्यक धन गुजरात के अमीर व्यापारियों द्वारा प्रदान किया जाता है। अहमदाबाद भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है  कि तैयार माल को आसानी से देश के सभी हिस्सों और यहां तक ​​कि विदेशों में भी पहुंचाया जा सकता है। बिजली की अच्छी और निरंतर आपूर्ति के साथ, अहमदाबाद का सूती कपड़ा उद्योग जल्द ही बड़े अनुपात में विकसित हुआ।



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पहली कपड़ा मिल की स्थापना 150 साल पहले हुई थी, उस समय देश में स्वराज का नारा सभी ओर गूँज रहा था वर्ष 1861 में रणछोड़लालभाई  द्वारा शाहपुर मिल सेटअप नामक पहली कपड़ा मिल अहमदाबाद में स्थापित की गई थी। उस समय यह आसान काम नहीं था काफी प्रयासों के बाद यह मिल सफल हुई, इसने अन्य व्यवसायियों को प्रेरित किया और उन्होंने जल्द ही अहमदाबाद में और कई कपड़ा मिलों की स्थापना की गई। 20 वीं शताब्दी के अंत तक शहर में 33 कपड़ा मिलें थीं। जल्द ही, अहमदाबाद भारत के सभी हिस्सों में सूती वस्त्रों की आपूर्ति करना  प्रारम्भ कर दिया। और तब से अहमदाबाद औद्योगिक घरानों का मुख्य केंद्र बन गया। अहमदाबाद के लिए भारत के मैनचेस्टर का नाम पहली बार कस्तूरभाई लालभाई और अंबालाल साराभाई द्वारा प्रयोग किया गया था, ये दोनों देश के प्रमुख उद्योगपति थे।


अहमदाबाद आज सभी प्रकार के सूती वस्त्रों के निर्माण का सबसे बड़ा हब बन चुका  है। यहां के निर्मित डेनिम कपड़े का उपयोग दुनिया भर के बड़े डिजाइनर ब्रांडों द्वारा प्रयोग किया जाता है। अहमदाबाद के वस्त्र अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में वस्त्र निर्माताओं के बीच लोकप्रिय हैं।


आज अहमदाबाद भारत के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है। यह फोर्ब्स पत्रिका द्वारा दुनिया में रहने के लिए सबसे अच्छे शहरों में से एक के रूप में उल्लेख किया गया है। कपड़ा उद्योग के अलावा, कई अन्य व्यवसाय यहां से पनपे हैं। धीरूभाई अंबानी (रिलायंस), करसनभाई पटेल (निरमा), गौतमभाई अडानी (अडानी) भारत के कुछ सबसे बड़े उद्योगपतियों के नाम हैं जो गुजरात से थे या आज भी यही से काम कर रहे है। 

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